भारत में मेडिकल गर्भसमापन के लिए प्रक्रिया और लागत क्या है?

क्या हमें भारत में चिकित्सा गर्भसमापन के लिए ज्यादा पैसे का भुगतान करना होगा?

भारत में गर्भावस्था की चिकित्सय समाप्ति सिर्फ कुछ शर्तों के तहत कानूनी है जिसकी अनुमति किसी पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा दी गयी हो। गर्भसमापन की प्रक्रिया को समझना हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

गर्भसमापन या जो मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एम0टी0पी0) के रूप में भी जाना जाता है के लिये महिला को एक सहमति फॉर्म भरने की आवश्यकता होती है जिसे ‘फॉर्म‘ सी कहा जाता है। चिकित्सीय गर्भसमापन करने के लिए केवल महिला की सहमति आवश्यक है।

गर्भसमापन के लिए दवाएं एक स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा लिखी जानी चाहिए।

महिला को एक दवा किट प्रदान की जाती है जिसमें मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल होता है। ये दवाएं पहले 8 हफ्तों ( पहली तिमाही में गर्भसमापन ) में सबसे अधिक सहायक होती हैं। डॉक्टर ठीक से समझाता है कि इन दवाओं का उपयोग कैसे किया जाए क्योंकि इन दवाओं को उचित तरीके से और डॉक्टर के मार्गदर्शन में लेना जरूरी है

नोटः डॉक्टर व्यक्ति को ठीक से जाँच करेगा,

गर्भावस्था की स्थिति की जाँच करेगा और फिर यह तय करेगा कि क्या करने की आवश्यकता है और उस व्यक्ति के लिये सबसे अच्छा क्या रहेगा। कुछ मामलों में सर्जिकल गर्भसमापन की आवश्यकता होगी (12 सप्ताह से पहले)। गर्भसमापन की प्रक्रिया अलग अलग व्यक्तियों पर निर्भर करती है।

प्रक्रियाः गोलियां लेने के लिए कदम गर्भसमापन की चिकित्सा प्रक्रिया

दिन 1ः मिफेप्रिस्टोन की एक 200 मिलीग्राम की गोली ली जाती है यह दवा गर्भावस्था को बढ़ने से रोकती है। मिफेप्रिस्टोन लेने के बाद कुछ लोगों को मिचली आने लगती है या खून बहने लगता है, लेकिन यह आम नहीं

है। संक्रमण को रोकने के लिए आपका डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक भी दे सकता है। दिन 3 (24 से 48 घंटों के बीच)ः 200 मिलीग्राम की मिसोप्रोस्टोल गोलियां (कुल 800 एमसीजी) मौखिक या योनि रूप से दी जाती हैं।

गर्भसमापन की लागत/कुल खर्चा हमें ़918861713567 पर  whatsapp करें। यदि आपको अभी भी स्पष्ठ नहीं है, तो  कृपया हमें निजी सहायता के लिए व्हाट्सएप करें। यदि आप निजी अस्पताल से गर्भसमापन करवा रहे हैं तो कुल खर्चा 6 हजार से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि आप सरकारी स्वास्थ्य क्लीनिकों में जाते हैं, तो यह आपको न्यूनतम कीमत पर प्रदान किया जाएगा। यदि हम आपको क्लीनिक से जोड़ते हैं तो

कुल खर्चा 3 हजार से कम होगा।

आप या तो मिसोप्रोस्टोल को तुरंत ले लेंगे, या पहली गोली लेने के 48 घंटे बाद तक – आपका डॉक्टर आपको बताएगा कि इसे कैसे और कब लेना है। यह गोली आपके गर्भाशय को खाली करने के लिए ऐंठन और रक्तस्राव का कारण बनती है। ज्यादातर लोगों के में, ऐंठन और रक्तस्राव आमतौर पर मिसोप्रोस्टोल लेने के 1-4 घंटे बाद शुरू होता है।

रक्तस्राव के समय खून के बडे थक्के या ऊतक के गुच्छे दिखाई देना सामान्य है। यह वास्तव में ऐंठन व अधिक रक्तस्राव के साथ होने वाली महावारी की तरह है, और गर्भसमापन की प्रक्रिया एक स्वतः गर्भपात के समान है। ध्यान देंः यदि आपको दूसरी दवा, मिसोप्रोस्टोल लेने के 24 घंटे के भीतर कोई रक्तस्राव नहीं होता है, तो डॉक्टर से सम्पर्क करें।

दिन 14 – 15ः गर्भावस्था के पूरी तरहा से समाप्त होने की पुष्टि करने के लिए एक व्यक्ति को गर्भसमापन उपरांत की जांच के लिए डॉक्टर की जरूरत होती है। डॉक्टर 15 दिनों के बाद अल्ट्रासाउंड जांच के लिए वापस आने की सलाह देंगे। फिर एक अल्ट्रासाउंड (पेट) कराएं क्योंकि यह पता

लगाना महत्वपूर्ण है कि क्या गर्भसमापन पूर्ण रूप से हो गया है और महिला सुरक्षित हैं। इन दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं है, लेकिन हमेशा डॉक्टर के मार्गदर्शन में लिया जाना चाहिए। यह देखना हमेशा बेहतर होता है कि क्लीनिक में गर्भसमापन की चिकित्सा समाप्ति करने के लिये प्रमाण पत्र प्रदर्शित किया है या नहीं। गर्भसमापन की सेवा लेने वाले व्यक्ति को झोलाछाप या अपंजीकृत डॉक्टरों से सावधान रहने की जरूरत है। आपके गर्भसमासपन के पूरा होने के बाद, जैसे जैसे घंटे और दिन गुजरेंगे आपको महसूस होने वाली ऐंठन और रक्तस्राव हल्का होना चाहिए। आपको शायद स्तन में अकड़ाहट भी हो सकता है, और उनमें से दूध जैसा पदार्थ भी स्राव हो सकता है। आरामदायक फिटिंग की ब्रा पहनने से आपको

अधिक सहज महसूस करने में मदद मिलेगी। अब तक किसी भी प्रकार की ठंड लगना, बुखार, या मतली को भी चले जाना चाहिए।  यदि आपको मिसोप्रोस्टोल (गोलियों का दूसरा सेट) लेने के 24 घंटे से अधिक समय तक मतली, उल्टी, दस्त या बुखार है तो तुरंत अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र पर सम्पर्क करें। यह एक संक्रमण का संकेत हो सकता है।

यह भी बहुत महत्वपूर्ण है कि 15 दिनों के बाद, एक बार स्वास्थ्य जांच के लिए जाना चाहिए,  यह सुनिश्चित करने के लिए कि गर्भ की समाप्ति पूरी हो चुकी है। इससे यह जांचने में मदद मिलती है कि गर्भाशय के अंदर कोई अवांछित तत्व तो नहीं है।

स्त्रोतः पलानड पैरंटहुड वेबसाइट

संपादक का नोट

२०२० का नया मेडिकल टर्मिनेशन बिल मार्च २०२० में लोकसभा में और मार्च २०२१ में राज्यसभा में पारित हुआ।बिल की मुख्य विशेषताएं:- अभी गर्भपात के लिए एक डॉक्टर की राय की आवश्यकता होती है, यदि यह 12 सप्ताह के भीतर किया जाता है और दो डॉक्टरों से अगर यह 12 से 20 सप्ताह के बीच किया जाता है।बिल एक डॉक्टर द्वारा गर्भपात करने की अनुमति देता है यदि गर्भावस्था 20 सप्ताह तक हो, और दो डॉक्टर (विशिष्ट महिलाओं के मामले में) 20 से 24 सप्ताह के बीच हो।- भ्रूण की असामान्यताओं के मामलों में 24 सप्ताह के बाद गर्भावस्था को समाप्त किया जा सकता है या नहीं, यह तय करने के लिए
बिल राज्य स्तर के मेडिकल बोर्ड का गठन करता है। सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारें एक मेडिकल बोर्ड का गठन करेंगी। बोर्ड यह तय करेगा कि क्या भ्रूण की असामान्यताओं के कारण 24 सप्ताह के बाद गर्भावस्था को समाप्त किया जा सकता है। प्रत्येक बोर्ड में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट / सोनोलॉजिस्ट और राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य सदस्य होंगे।-अधिनियम गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए आधार निर्दिष्ट करता है और गर्भावस्था को समाप्त करने की समय सीमा निर्दिष्ट करता है।- अधिनियम के तहत गर्भनिरोधक विधि या डिवाइस की विफलता के मामले में एक विवाहित महिला द्वारा 20 सप्ताह तक की गर्भावस्था को समाप्त किया जा सकता है।विधेयक अविवाहित महिलाओं को इस कारण से गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति देता है।- एक मेडिकल प्रैक्टिशनर केवल कानून द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति को एक महिला की समाप्त गर्भावस्था के बारे में विवरण प्रकट कर सकता है।इसका उल्लंघन करने पर एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।